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गाज़ियाबाद में महिला के साथ हुई दरिंदगी

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में जो कुछ एक महिला से हुआ है, वह दहलाने वाला है। दिल्ली लौटने के लिए इंतजार कर रही महिला को अगवा किया जाता है। राज नगर एक्सटेंशन स्थित आश्रम रोड से उसे बदमाशों ने बंदूक की नोक पर उठाया। एक घर में ले गए। दो दिनों तक बंद रखा। पांच लोगों ने उसके साथ रेप किया। इसके बाद हैवानों ने क्रूरता की हद पार कर दी। रेपिस्टों ने उसके निजी अंग में एक वस्तु डाल दी। दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में इलाज कर रहे डॉक्टरों ने उस चीज को निकाला। पहले अधिकारियों ने कहना शुरू कर दिया था कि यह टंग स्क्रैपर है। बाद में गाजियाबाद पुलिस ने साफ किया कि यह 5 सेंटीमीटर एक वस्तु थी। इसको लेकर जांच चल रही है कि वह वस्तु क्या है? अभी इसके बारे में साफ नहीं हुआ है। महिला को आश्रम रोड पर ही वापस फेंका गया था। पुलिस को मंगलवार की सुबह करीब 3.30 बजे एक राहगीर ने इसकी सूचना दी। इसके बाद महिला को अस्पताल पहुंचाया गया। हैवानियत का पूरा मामला डॉक्टरों की जांच में सामने आया है।


हर हद्द पार कर की गयी दरिंदगी
महिला के साथ हैवानियत का खेल खेला गया। पुलिस को सड़क के किनारे से बोरे में महिला खून से लथपथ मिली थी। वह घायल थी और दर्द से छटपटा रही थी। बोरी में उसके हाथ और पैर बंधे हुए थे। सड़क के किनारे उसे एक कार से फेंक दिया गया था। इस मामले को दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने जोरदार तरीके से उठाया है। वर्ष 2012 में हुई निर्भया के साथ बर्बरता से इसकी तुलना की गई है। उन्होंने इस मामले में त्वरित न्याय की मांग की है। स्वाति मालीवाल की ओर से मामला उठाए जाने के बाद इस मुद्दे पर बहस तेज हुई।
दिल्ली महिला आयोग की ओर से मामले को उठाए जाने के बाद गाजियाबाद एसपी मुनिराज जी. ने कहा कि सभी पांच आरोपियों- दीनू, शाहरुख, जावेद, ढोला और औरंगजेब उर्फ जहीर की पहचान कर ली गई है। एसएसपी ने कहा कि सभी पांच दिल्ली के रहने वाले हैं। एसएसपी ने कहा कि महिला के पास दिल्ली में वेलकम थाने के अधिकार क्षेत्र में संपत्ति है और उसको लेकर आरोपी से विवाद चल रहा था। मामला दीवानी अदालत में भी है।

आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं
गाजियाबाद गैंगरेप केस में बुधवार शाम तक पांचों में से किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया जा सका था। एसएसपी ने कहा कि चार लोगों को हिरासत में लिया गया है, लेकिन उन्होंने अपनी पहचान नहीं बताई। पुलिस ने उस घर के स्थान का भी खुलासा नहीं किया, जिसमें उसे बंदी बनाया गया था। सूत्रों का कहना है कि यह एक जंगली इलाके में था।

16 अक्टूबर को हुआ था अपहरण
पीड़िता का अपहरण 16 अक्टूबर की रात करीब साढ़े नौ बजे कर लिया गया था। आश्रम रोड में उसके भाई ने उसे छोड़ा था, वहां से उसे दिल्ली के लिए एक ऑटो पकड़नी थी। चार लोगों ने कथित तौर पर एक स्कॉर्पियो में आकर उस पर बंदूक तान दी और उसे जबरदस्ती वाहन में बैठा लिया। वे उसे सुनसान इलाके में एक घर में ले गए। वहां पांचवां संदिग्ध भी मौजूद था।

गाजियाबाद में रहने वाले पीड़िता के भाई ने बताया कि मुझे बहन के गायब होने की जानकारी तब मिली, जब मेरे भांजे ने रात करीब 11.30 बजे फोन किया। हमने उसकी तलाश शुरू की और मैंने 17 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे के आसपास पुलिस को इसकी सूचित किया। मेरी बहन का फोन बंद था। उन्होंने कहा कि मुझे मंगलवार सुबह 5 बजे पता चला कि मेरी बहन को पुलिस ने ढूंढ़ लिया है।

प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, कराह रही थी महिला
आश्रम रोड पर रात में पराठा स्टॉल चलाने वाले राकेश कुमार ने बताया कि मंगलवार तड़के हमने देखा कि 100 मीटर दूर एक जगह पर कुछ लोग जमा हो गए। पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। जब मैं वहां गया तो देखा कि एक महिला बोरे में पड़ी है। खून से लथपथ थी। वह रो रही थी और कह रही थी कि उसके साथ बलात्कार किया गया है। पुलिस उसे एम्बुलेंस में अस्पताल ले गई।

पुलिस ने साधी थी चुप्पी
पुलिस पूरे दिन इस मामले पर चुप्पी साधे रखी। उसके बारे में जानकारी अन्य लोगों तक तब पहुंची, जब वह जीटीबी अस्पताल गई। एसएसपी ने कहा कि हम उसे इलाज के लिए एमएमजी अस्पताल ले गए। उसे इलाज के लिए मेरठ के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया। मंगलवार को वह पुलिस से सलाह किए बिना जीटीबी अस्पताल चली गई।

भाई की शिकायत पर केस दर्ज
एसएसपी ने कहा कि उनके भाई की शिकायत के बाद आईपीसी की धारा 376 डी (गैंग रेप) और 342 (गलत तरीके से बंदी बनाने) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मुनिराज ने कहा कि पांच लोगों के खिलाफ नंदग्राम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। हमने चार लोगों को हिरासत में लिया है। हम उनसे और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रहे हैं।

एसएसपी ने कहा कि हम मामले के बारे में डॉक्टरों और विशेषज्ञों से भी सलाह कर रहे हैं। उसकी मेडिकल रिपोर्ट अभी हमारे पास नहीं आई है। हम जीटीबी अस्पताल के डॉक्टरों से 5 सेंटीमीटर की वस्तु के बारे में बात कर रहे हैं।

महिला की हालत स्थिर
जीटीबी अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. रजत झांब ने कहा कि महिला की हालत स्थिर है, लेकिन उसे निगरानी में रखा गया है। उन्होंने कहा कि हमने उसके निजी अंग से एक वस्तु निकाली, लेकिन वह किस तरह की वस्तु है, इसका खुलासा पुलिस करेगी। महिला राज्य सरकार की ओर से संचालित अस्पताल के स्त्री रोग विभाग में भर्ती है। डॉक्टरों ने कहा कि उसे बाहरी चोटें हैं, लेकिन कोई बड़ी आंतरिक चोट नहीं है।

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गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में जो कुछ एक महिला से हुआ है, वह दहलाने वाला है। दिल्ली लौटने के लिए इंतजार कर रही महिला को अगवा किया जाता है। राज नगर एक्सटेंशन स्थित आश्रम रोड से उसे बदमाशों ने बंदूक की नोक पर उठाया। एक घर में ले गए। दो दिनों तक बंद रखा। पांच लोगों ने उसके साथ रेप किया। इसके बाद हैवानों ने क्रूरता की हद पार कर दी। रेपिस्टों ने उसके निजी अंग में एक वस्तु डाल दी। दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में इलाज कर रहे डॉक्टरों ने उस चीज को निकाला। पहले अधिकारियों ने कहना शुरू कर दिया था कि यह टंग स्क्रैपर है। बाद में गाजियाबाद पुलिस ने साफ किया कि यह 5 सेंटीमीटर एक वस्तु थी। इसको लेकर जांच चल रही है कि वह वस्तु क्या है? अभी इसके बारे में साफ नहीं हुआ है। महिला को आश्रम रोड पर ही वापस फेंका गया था। पुलिस को मंगलवार की सुबह करीब 3.30 बजे एक राहगीर ने इसकी सूचना दी। इसके बाद महिला को अस्पताल पहुंचाया गया। हैवानियत का पूरा मामला डॉक्टरों की जांच में सामने आया है।


हर हद्द पार कर की गयी दरिंदगी
महिला के साथ हैवानियत का खेल खेला गया। पुलिस को सड़क के किनारे से बोरे में महिला खून से लथपथ मिली थी। वह घायल थी और दर्द से छटपटा रही थी। बोरी में उसके हाथ और पैर बंधे हुए थे। सड़क के किनारे उसे एक कार से फेंक दिया गया था। इस मामले को दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने जोरदार तरीके से उठाया है। वर्ष 2012 में हुई निर्भया के साथ बर्बरता से इसकी तुलना की गई है। उन्होंने इस मामले में त्वरित न्याय की मांग की है। स्वाति मालीवाल की ओर से मामला उठाए जाने के बाद इस मुद्दे पर बहस तेज हुई।
दिल्ली महिला आयोग की ओर से मामले को उठाए जाने के बाद गाजियाबाद एसपी मुनिराज जी. ने कहा कि सभी पांच आरोपियों- दीनू, शाहरुख, जावेद, ढोला और औरंगजेब उर्फ जहीर की पहचान कर ली गई है। एसएसपी ने कहा कि सभी पांच दिल्ली के रहने वाले हैं। एसएसपी ने कहा कि महिला के पास दिल्ली में वेलकम थाने के अधिकार क्षेत्र में संपत्ति है और उसको लेकर आरोपी से विवाद चल रहा था। मामला दीवानी अदालत में भी है।

आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं
गाजियाबाद गैंगरेप केस में बुधवार शाम तक पांचों में से किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया जा सका था। एसएसपी ने कहा कि चार लोगों को हिरासत में लिया गया है, लेकिन उन्होंने अपनी पहचान नहीं बताई। पुलिस ने उस घर के स्थान का भी खुलासा नहीं किया, जिसमें उसे बंदी बनाया गया था। सूत्रों का कहना है कि यह एक जंगली इलाके में था।

16 अक्टूबर को हुआ था अपहरण
पीड़िता का अपहरण 16 अक्टूबर की रात करीब साढ़े नौ बजे कर लिया गया था। आश्रम रोड में उसके भाई ने उसे छोड़ा था, वहां से उसे दिल्ली के लिए एक ऑटो पकड़नी थी। चार लोगों ने कथित तौर पर एक स्कॉर्पियो में आकर उस पर बंदूक तान दी और उसे जबरदस्ती वाहन में बैठा लिया। वे उसे सुनसान इलाके में एक घर में ले गए। वहां पांचवां संदिग्ध भी मौजूद था।

गाजियाबाद में रहने वाले पीड़िता के भाई ने बताया कि मुझे बहन के गायब होने की जानकारी तब मिली, जब मेरे भांजे ने रात करीब 11.30 बजे फोन किया। हमने उसकी तलाश शुरू की और मैंने 17 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे के आसपास पुलिस को इसकी सूचित किया। मेरी बहन का फोन बंद था। उन्होंने कहा कि मुझे मंगलवार सुबह 5 बजे पता चला कि मेरी बहन को पुलिस ने ढूंढ़ लिया है।

प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, कराह रही थी महिला
आश्रम रोड पर रात में पराठा स्टॉल चलाने वाले राकेश कुमार ने बताया कि मंगलवार तड़के हमने देखा कि 100 मीटर दूर एक जगह पर कुछ लोग जमा हो गए। पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। जब मैं वहां गया तो देखा कि एक महिला बोरे में पड़ी है। खून से लथपथ थी। वह रो रही थी और कह रही थी कि उसके साथ बलात्कार किया गया है। पुलिस उसे एम्बुलेंस में अस्पताल ले गई।

पुलिस ने साधी थी चुप्पी
पुलिस पूरे दिन इस मामले पर चुप्पी साधे रखी। उसके बारे में जानकारी अन्य लोगों तक तब पहुंची, जब वह जीटीबी अस्पताल गई। एसएसपी ने कहा कि हम उसे इलाज के लिए एमएमजी अस्पताल ले गए। उसे इलाज के लिए मेरठ के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया। मंगलवार को वह पुलिस से सलाह किए बिना जीटीबी अस्पताल चली गई।

भाई की शिकायत पर केस दर्ज
एसएसपी ने कहा कि उनके भाई की शिकायत के बाद आईपीसी की धारा 376 डी (गैंग रेप) और 342 (गलत तरीके से बंदी बनाने) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मुनिराज ने कहा कि पांच लोगों के खिलाफ नंदग्राम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। हमने चार लोगों को हिरासत में लिया है। हम उनसे और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रहे हैं।

एसएसपी ने कहा कि हम मामले के बारे में डॉक्टरों और विशेषज्ञों से भी सलाह कर रहे हैं। उसकी मेडिकल रिपोर्ट अभी हमारे पास नहीं आई है। हम जीटीबी अस्पताल के डॉक्टरों से 5 सेंटीमीटर की वस्तु के बारे में बात कर रहे हैं।

महिला की हालत स्थिर
जीटीबी अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. रजत झांब ने कहा कि महिला की हालत स्थिर है, लेकिन उसे निगरानी में रखा गया है। उन्होंने कहा कि हमने उसके निजी अंग से एक वस्तु निकाली, लेकिन वह किस तरह की वस्तु है, इसका खुलासा पुलिस करेगी। महिला राज्य सरकार की ओर से संचालित अस्पताल के स्त्री रोग विभाग में भर्ती है। डॉक्टरों ने कहा कि उसे बाहरी चोटें हैं, लेकिन कोई बड़ी आंतरिक चोट नहीं है।